- When Childhood Dreams Meet the Global Stage: Manushi Chhillar’s Commonwealth Games Story
- In the summer of '99, two teams carried the hopes of a nation: sourav ganguly and anil kumble salute the golden arrows
- Home is where every unfinished story finds its ending , Main Vaapas Aaunga arrives on Netflix on August 7
- 05 reasons Tumbadchi Manjula should be on your weekend watchlist
- वाईआरएफ की पहली हॉरर फिल्म के लीड बने वरुण धवन
शहर को भिक्षुक मुक्त करने की निगम करेगा पहल
निगमायुक्त ने अधिकारियों को दिए निर्देश
इंदौर. शहर के प्रमुख मार्गो पर टे्रफिक सिग्नल पॉइन्ट, गांधी हॉल, धर्म स्थलो के आस-पास, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेशन व अन्य स्थानो पर भिक्षावृत्ति करने वालो के कारण असुविधा पूर्ण स्थिति निर्मित होती है. निगम द्वारा सामाजिक कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, एनजीओ संस्थानो के साथ मिलकर इंदौर शहर तो भिक्षुको से मुक्त करने की पहल की जा रही है.
इसी क्रम में आज आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल द्वारा परदेशीपुरा स्थित सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारियो, निगम अपर आयुक्त श्री अभय राजनगांवकर, नगर शिल्पज्ञ अशोक राठौर के साथ भिक्षुक पुर्नवास केन्द्र का निरीक्षण किया गया. भिक्षुक पुर्नवास केन्द्र पर मरम्मत का कार्य करने के निर्देश दिये गये तथा केन्द्र में भिक्षुक महिला व पुरूष को अलग-अलग ठहराने के लिये वर्तमान में केन्द्र में स्थित हॉल में व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये. साथ ही यहां पर स्थित सुविधाघरों का भी रिनोवेशन करने के निर्देश संबंधितो को दिये गये. इसके साथ ही भिक्षुक पुर्नवास केन्द्र का मरम्मत संबंधित कार्य पुर्ण होने तक परदेशीपुरा स्थित रैन बसेरा में भिक्षुक पुर्नवास केन्द्र में भिक्षुको के पुर्नवास करने हेतु कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये.
आयुक्त श्रीमती पाल ने आज सामाजिक कल्याण विभाग एवं एनजीओ के साथ सिटी बस आफिस में बैठक भी की. एनजीओ के सहयोग से 28 जुलाई से शहर में भिक्षुको के पुर्नवास एवं इंदौर शहर को भिक्षुको से मुक्त करने के लिये अभियान चलाने के लिये निर्देश दिये गये. यह अभियान सतत चलाया जाएगा. प्रतिदिन जो भिक्षुक केन्द्र पर लाये जावेगे, उनका पुरा विवरण दर्ज किया जाएगा. 60 वर्ष से उपर के भिक्षुको को वृद्धाश्रम में रखने के लिये संबंधितो को निर्देश दिये गये.
भिक्षृक केन्द्र पर लाने वाले भिक्षुको को मेडिकल उपचार के लिये चिकित्सो की व्यवस्था भी की जाएगी. साथ ही भिक्षुक केन्द्र पर भिक्षुको के खाने की व्यवस्था भी की जाएगी. भिक्षुक केन्द्र पर जो भिक्षुक कार्य करना चाहते है तो उनको रोजगार के साथ पुर्नवास भी किया जाएगा. भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों से संबंधित उनका परिवार यदि भिक्षुक को अपने घर ले जाना चाहते है तो उनसे अंडरटेकिंग लिया जाकर भिक्षुक को सौंपा जाएगोगा. उनकी सतत मॉनिटरिंग भी की जाएगी. ऐसे भिक्षुक यदि फिर से भिक्षावृत्ति में पाये जाते है तो संबंधित परिवार के विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी. भिक्षुक केन्द्रों पर सुरक्षा की दृष्टि से सिक्योरिटी गार्ड रखने के भी निर्देश दिये गये.


